जीव अनोखे
मोहते सौन्दर्य में
भूख एकता
-बुशरा तबस्सुम
याद बयार
हृदय पाखी बोले
काँपते पात
-बुशरा तबस्सुम
तृण विश्वास
नीड़ परियोजना
द्रुत प्रयास
-बुशरा तबस्सुम
तट रेतीला
दबे पाँव बगुला
सैर पे जाता
-डॉ. पूर्वा शर्मा
माँ को बुलाते
कोटर से झाँकते
तोते के बच्चे
-डॉ. पूर्वा शर्मा
गाय के साथ
बगुला दौड़ा जाए
दोस्ती निभाए
-डॉ. पूर्वा शर्मा
रंगीन फूल
झूलते डाली संग
नन्हा- सा पंछी
-पूनम मिश्रा पूर्णिमा
पंख फैलाए
मन भावन जोडा
बैठा है डाली
-पूनम मिश्रा पूर्णिमा
झील किनारे
जल क्रीड़ा करते
सारस जोडा
-पूनम मिश्रा पूर्णिमा
रिश्ते निभाते
हम साथ-साथ है
एकता यही
-पूनम मिश्रा पूर्णिमा
सीटी बजाते
गीत गुनगुनाते
आवारा पंछी
-पूनम मिश्रा पूर्णिमा
सूखी टहनी
मरहम लगाती
चिड़िया झूली
-पुष्पा सिंघी
बहार आयी
सखियों को पुकारे
नन्हीं चिरैया
-पुष्पा सिंघी
बरखा-बूँदें
भीगा नहीं विहग
केले का पत्ता
-पुष्पा सिंघी
अमूल्य निधि
हो स्वतंत्र परिधि
पाँखी की प्रीति
-नीलम अजित शुक्ला
चुन तिनका
दे तूफानों को मात
नीड़ आबाद
-नीलम अजित शुक्ला
रख हौसला
चला गगन छूने
पंछी जिज्ञासु
-नीलम अजित शुक्ला
जीव चेतन
वन की धड़कन
हिलते पत्ते
-त्रिलोचना कौर
कौन प्रजाति
भेद खोलती बोली
पंक्षी की बोली
-त्रिलोचना कौर
खोंसती पिन
लताओं के जूडे में
गढ़े घोंसला
-त्रिलोचना कौर