प्रवासी पक्षी
बाँट रहे चिट्ठियाँ
जल अचल
-विभा रानी श्रीवास्तव
पक्षी डाकिया
बाँच रहे चिट्ठियाँ
पानी पहाड़
-विभा रानी श्रीवास्तव
उल्टे पाँव से
ठुमक रहा नन्हा
कठफोड़वा
-विभा रानी श्रीवास्तव
पक्षी विहार
देवालय में गूँजा
राग ललित
-विभा रानी श्रीवास्तव
कौवा स्नान पे
तोते की राम-राम
हरित गृह
-विभा रानी श्रीवास्तव