Showing posts with label रेशमा हिंगोरानी (डा०). Show all posts
Showing posts with label रेशमा हिंगोरानी (डा०). Show all posts

Thursday, July 22, 2021

दोहा

दोहे लिख-लिख सब थके, बना न कोई काम, 
मात्रा गिनना छोड़ कर, लय की डोरी थाम.

-डा० रेशमा हिंगोरानी