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Thursday, August 05, 2021

कुण्डलिया

ख़ुशहाली फैली रहे ,प्रेम बड़ा अनमोल
बेज़ुबान भी समझते, सदा प्रेम का मोल 
सदा प्रेम का मोल, नित्य ही ख़ुशी मनाते 
देख दिलों के दर्द, किसी को नहीं सताते 
कहे ‘किरन’ ये प्रेम, बड़ा ही प्यारा आली
ऐसा प्यारा भाव, फैलती है ख़ुशहाली ।।
      
  -किरन सिंह

Monday, June 28, 2021

दोहा

द्वारे  पर  मधुमालती, लहराती दिन रात।
खुश होतीं मधुमक्खियाँ, फूलों से कर बात।।
         
-किरन सिंह