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Monday, January 02, 2023

जगाये उम्मीदें सौ बार

पल-पल छिन-छिन आने वाले
सपनों का आभार
जगाये उम्मीदें सौ बार

कुछ सपने जो बचपन वाले
कुछ सपने जो गोरे काले
कुछ सपनों ने नींद उड़ाई
कुछ सपने जो उलझन डाले
इंद्र धनुष की लिए अर्गला
सप्त रंग के द्वार
जगाये उम्मीदें सौ... 

जिन सपनों ने नैना खोले
जिन सपनों ने नव रस घोले
ठंडी छाँव लिए छंदों की
जिन सपनों से अंतस डोले
चिर साहित्य साधना के सुर
गीतों की बौछार
जगाये उम्मीदें सौ ... 

नित निज मन में भाव जगाएँ
पीड़ाओं से ताल मिलाएँ
सुर संगम की प्यास लिए उर
अश्रु कलश अँखियाँ ढलकाएँ
नवगीतों की सरस कामना
लेती है आकार
जगाये उम्मीदें सौ ... 

सरिता नदी समंदर होना
इन सपनों का जादू टोना
प्रीति रीति अरु हार जीत सॅंग
हृदय पटल पर अंकुर बोना
छंद सवैया गीत माहियों
की होगी गुंजार
जगाती उम्मीदें सौ ... 

-सोनम यादव

Sunday, January 01, 2023

चोंच उठाये

चोंच उठाये 
गला-पेट फुलाये 
किसे रिझाये

-सोनम यादव
 

झूमी हवाएँ

झूमी हवाएँ 
मधुर घंटियों-सी
मन रिझाती 

-सोनम यादव

कितनी खुश

कितनी खुश
अंबर की रानी सी 
वन-चिड़िया 

-सोनम यादव

Thursday, June 03, 2021

दोहे

भूप फलों का आम है, अनुपम स्वा, प्रकार.
विविध भाँति व्यंजन बने, चटनी,शेक, अचार.

-सोनम यादव

दोहा

मेघ चले बारात ले, घन के ढोल सँवार 
तरु पल्लव सब झूमते, बहती सुखद बयार।

-सोनम यादव

Thursday, January 28, 2021

वर्ष नव बिखराये नव भोर

नव किरणों को कौन बिखेरे 
लिए रेशमी डोर 
वर्ष नव, बिखराये नव भोर। 

संदेशे ले आखर-आखर 
दीप जले हैं देहरी बाखर 
फूल, कली, भँवरे, गुलदस्ते 
मीत, सखा सब मिलकर हँसते 
मलय समीर बहे मनभावन 
महकाये चहुँ ओर 
वर्ष नव, बिखराये नव भोर। 

अंबर ने फैलाई चादर 
कुहरे ने ढलकाई गागर 
झाँके फागुन मन भरमाये 
रँग अबीर खुशबू फैलाये 
नव पल्लव अभिनंदन करते 
नाच रहे मन मोर 
वर्ष नव, बिखराय नव भोर। 

सभी ज्ञान का दीप जलाएँ 
मानवता के भाव जगाएँ 
धानी चूनर  हो वसुधा की
सब मिलजुल कर धरा सजाएँ 
वर्ष, हर्ष मय हो सब जन को 
स्वर्णिम सबकी भोर 
वर्ष नव, बिखराय नव भोर।

-सोनम यादव

आया है नववर्ष

आया है नववर्ष 
जुटे काफिले बहारों के
खिले मौसम त्यौहारों के। 

सरसों फूली, पल्लव महके 
कलियाँ चटकी, भँवरे चहके 
गाया मधुरम गान 
झुके मस्तक अँधियारों के 
खिले मौसम त्यौहारों के। 

मुख कमल खिले दहके पलाश 
मन मधुप मिले महके उजास 
छाया है उत्कर्ष 
लुटे तूफान उजारों के 
खिले मौसम त्यौहारों के। 

नव दीप जले विज्ञान तले 
पूरब से पश्चिम आन मिले 
फलित हुआ संघर्ष 
दिखे हैं फलक सितारों के 
खिले मौसम त्यौहारों के। 

-सोनम यादव

Wednesday, November 25, 2020

सोनम यादव

तीजों का त्यौहार है, छिडी जगत में जंग 
गोरी मन में है दुखी, हाथ बडा है तंग 
हाथ बडा है तंग, माल बाजार बंद सब
कैसे हो त्यौहार, घिरे आफत में अब सब
मन को करो उदास, भले झगड़ो या खीजो
सखियों के मन रंज, चली जाओ तुम तीजों

-सोनम यादव

सोनम यादव

समय आज नाजुक हुआ, छिड़ी जगत में जंग 
जनता है मन में दुखी, हाथ बडा है तंग 
हाथ बडा है तंग, काम धंधे सब चौपट 
कैसे हो निर्वाह, हो रही घर-घर खटपट 
चीन,पाक,नेपाल, सभी करते हैं संशय 
भारत का इकबाल, बढ़ रहा कठिन है समय 

-सोनम यादव

सोनम यादव

 जिला गाजियाबाद का, है यूपी में नाम 
जैसे इसके काम हैं, वैसे इसके दाम 
वैसे इसके दाम, सभी को ये ललचाए
एक बार जो आए, फिर न वापस जा पाए 
हो इकबाल बुलंद, ये बना रहे आबाद 
चर्चा में है देश के, जिला गाजियाबाद 

-सोनम यादव 

सोनम यादव

भारत का परचम रहे, लहराता अविराम 
विश्व पटल पर पूज्य हो, नित प्रति इसका नाम 
नित प्रति इसका नाम, रहे दुनिया में अब्ब्ल 
ज्ञान और विज्ञान रहें, आलोकित उज्ज्वल 
कीर्ति पताका करे, सदा दुश्मन को गारत 
ऊँचा हो सरनाम, हमेशा अपना भारत 

-सोनम यादव

मस्त परिंदे

मस्त परिंदे 
खुशियों के मेले में 
डाल का झूला 

-सोनम यादव