कविता की पाठशाला
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व्योम के पार
कविता की पाठशाला
माहिया
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शेख़ शहज़ाद उस्मानी
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शेख़ शहज़ाद उस्मानी
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Thursday, June 24, 2021
दोहा
पोथी रट तोता हुआ, पिंजड़े में है बंद।
उड़ना भूला, रो पड़ा, बाहर बुद्धूचंद।।
-शेख़ शहज़ाद उस्मानी
Sunday, May 09, 2021
दोहा
अम्मा जी को अब चुभें, ये पिपियाते मोर।
कोरोना के अपसगुन, दिखते चारों ओर।।
-शेख़ शहज़ाद उस्मानी
Wednesday, May 05, 2021
दोहा
फ़्लैटों वाली डालियाँ, सोसाइटियाँ पेड़।
पिंजड़ों में नर-नारियाँ, बातों में मुठभेड़।।
-शेख़ शहज़ाद उस्मानी
Thursday, January 28, 2021
हाइकु
स्वागत देख
भौंचक्का नववर्ष
बीते को देख
-शेख़ शहज़ाद उस्मानी
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