कविता की पाठशाला
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व्योम के पार
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माहिया
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मनीष पाण्डेय
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मनीष पाण्डेय
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Thursday, June 03, 2021
दोहा
फूल खिले हैं यहाँ भी, सात समुन्दर पार.
लेकिन ये टेसू नहीं, ना सेमल, कचनार.
-मनीष पाण्डेय
Thursday, May 06, 2021
दोहा
चिड़ियों को लालच नहीं, भले भरा हो खेत।
खातीं केवल पेट भर, फिर उड़ चलें निकेत।।
-मनीष पाण्डेय
लक्सेम्बर्ग
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