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Tuesday, June 08, 2021

दोहा

पीले पत्ते झड़ गए, नए खिले मधुमास ।
बीती बातें भूलकर, रचें नया इतिहास ।।

-सुनीता यादव

Sunday, June 06, 2021

दोहा

कहे यामिनी चाँद से, शशधर सुनो सुजान ।
मुझे अकेला छोड़कर, कहाँ लगाते ध्यान ।।

-सुनीता यादव

Monday, May 17, 2021

दोहा

घायल पंछी देखकर, पंछी हुए उदास।
मानवता बेबस हुई, जाय न कोई पास।।

-सुनीता यादव

Thursday, May 13, 2021

दोहा

प्रकृति हमें सिखला रही, नहीं मचाती शोर।
एक पेड़ पर सब रहें, तोता, मैना, मोर।

-सुनीता यादव

Thursday, May 06, 2021

दोहा

सुनकर कोकिल की कुहुक, भ्रमरों का मधुगीत।
मन पहुँचा देता वहाँ, जहाँ पुराने मीत।।

-सुनीता यादव